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सांस लेने में तकलीफ ? कहीं आपको अस्थमा तो नहीं ? – जानिये इसके लक्षण, कारण और उपचार

हवा में घुले धूल के कण,

बैक्टीरिया और बायरस से लोगों में साँस की बीमारी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है।

जैसे-जैसे प्रदूषण बढ़ रहा वैसे-वैसे बीमार लोगों भी बढ़ते जा रहे हैं। इसके चलते लोगों में साँस लेने की दिक्कत, साँस फूलने के साथ पसीना आना, कफ के साथ खाँसी आना, सीने में दबाव और घबराहट जैसी परेशानी सामने आ रहीं है और ये अस्थमा की शुरूआत होती है।

Asthma Care - SSOHM

अस्थमा के मरीज की श्वास नलिका सिकुड (संकुचित) जाती है और उसमें सूजन आ जाती है। इसके साथ-साथ ज्यादा कफ बनता है। खाँसी बार-बार आती रहती है। साँस फूलने लगती है या साँस लेने में बहुत तकलीफ होती है।

इसके दौरे बार-बार पड़ते हैं। इस बीमारी का असर शाम और सुबह लोगों में ज्यादा आता है।

अस्थमा के शुरूआती लक्षण

  • बार-बार छींक आना।
  • सर में दर्द रहना।
  • चिड़चिड़ापन।
  • नाक से पतला पानी सा पदार्थ निकलना।
  • नाक भरी-भरी सी रहना।
  • खाँसी बार-बार आना और कफ के साथ आना।
  • गले और ठोड़ी पर खुजली।
  • थकावट महसूस होना।
  • आँखों के नीचे काले धब्बे बनना।
  • ठीक से ना सो पाना।
  • व्यायाम करते समय साँस लेने में परेशानी।
  • साँस लेने में घरघराहट।
  • खाँसी
  • साँसों की कमी का एहसास होना।
  • सीने में दबाव रहना।

 

कारण

अस्थमा की बीमारी में लोगों को इसका अटैक आता है जिसमें साँस बार-बार फूलने लगती है सीना दबने लगता है पसीना आता है आदि। इसका वास्तविक कारण क्या है इसकी पता किसी को भी नहीं है लेकिन कुछ कारण जो एक साथ आप को प्रभावित कर रहे हों तो अस्थमा हो सकता है–

  • अस्थमा आपको विरासत में भी मिल सकता है। यानि यदि आपका परिवार इससे प्रभावित रहा है तो आप भी हो सकते हैं।
  • धूल के संपर्क में आना या धूल वाली जगह में काम करना।
  • घर में पालतू जानवरों के बालों में पाई जाने वाली गंदगी या रूसी से।
  • वायु प्रदूषण।
  • ब्रोंकाइटिस या साइनसाइटिस संक्रमण।
  • धूम्रपान।
  • अलग-अलग तरह की एलर्जी से जैसे धूल से, खाने से।
  • महिलाओं में हार्मोनल बदलाव।
  • कुछ विशेष प्रकार की दवाओं के प्रभाव से।
  • तनाव या भय के कारण।
  • ज्यादा नमक खाने से।

 

SSOHM पर उपचार

होम्योपैथी प्राचीनकाल से ही अस्थमा के मरीजों को ठीक करती है। कुछ पूरी तरह ठीक हो गये और कुछ ने इस पर नियंत्रण कर लिया। ज्यादातर बच्चे जो अस्थमा से प्रभावित थे होम्योपैथी के उपचार से उनके अस्थमा में जल्दी ही आराम मिल गया ।

 

हमारे यहां होम्योपैथी और हर्बल को मिलाकर बेजोड़ दवाएं बनाईं जाती हैं।

जो हर प्रकार की बीमारी को जड़ से खत्म करती है –  
डॉ. आर.के. अग्रवाल कई सालों से अस्थमा के मरीजों को उपचार कर रहे हैं।

होम्यो हर्बल का मिश्रण लोगों को पूरी तरह स्वस्थ कर रहा है।

इस मिश्रण को डॉक्टर साहब नें पूरे 31 सालों के अनुभव से बनाया।

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ये उपचार 100 प्रतिशत सुरक्षित है और इसके कोई भी साइड इफैक्ट नहीं है।

About SSOHM

SSOHM is a health center established in 1990 by Dr. R.K Aggarwal for relieving all the sufferers in the world from there disease naturally. From last 23 years SSOHM is successfully providing homoeopathy treatment for all kind of diseases.. SSOHM periodically arrange free health campaigns for sufferers all over the India. Now we are also providing Free Online Consultation by a team of specialized doctors representing SSOHM in the web world.

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